मुंबई: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन हल्की बढ़त के साथ सपाट स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक और एफएमसीजी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जबकि फाइनेंशियल सर्विस, मेटल और मीडिया सेक्टर में बिकवाली का रुख रहा।
सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 153.83 अंक (0.18%) की तेजी के साथ 84,558.29 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 33.95 अंक (0.13%) की बढ़त के साथ 25,911.80 स्तर पर बना हुआ था।
सत्र की शुरुआत में निफ्टी बैंक 85.35 अंक (0.15%) की गिरावट के साथ 57,945.75 पर था। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 103.50 अंक (0.17%) चढ़कर 60,199.75 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 65.50 अंक (0.35%) की तेजी के साथ 18,535.20 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप-शी समिट के बाद अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में केवल अस्थायी राहत मिली है, इसे कोई बड़ी ट्रेड डील नहीं माना जा सकता। इस कारण से बाजार सहभागियों में हल्की निराशा देखी गई, हालांकि व्यापारिक तनावों में कमी आने से थोड़ी राहत भी मिली है।
विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय बाजारों की रैली 2024 में बने 26,277 के रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंचने के बाद धीमी हो गई है। एफआईआई की बिकवाली से निकट भविष्य में बाजार पर दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, टाइटन, बीईएल, टीसीएस और आईटीसी शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में रहे, जबकि एनटीपीसी, टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल और सनफार्मा शीर्ष गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे।
एशियाई बाजारों की बात करें तो हांगकांग, बैंकॉक, जकार्ता और चीन के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि सियोल का बाजार हरे निशान में दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी दिन डाउ जोंस 0.23% (109.88 अंक) गिरकर 47,522.12, एसएंडपी 500 इंडेक्स 0.99% (68.25 अंक) गिरकर 6,822.34, और नैस्डेक 1.57% (377.33 अंक) की गिरावट के साथ 23,581.14 पर बंद हुआ।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 30 अक्टूबर को 3,077.59 करोड़ रुपए के शुद्ध विक्रेता रहे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) 2,469.34 करोड़ रुपए के शुद्ध खरीदार बने।